Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Admin
 Followed
 Rating
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  
Full Site Search
  Full Site Search  
 
Sun Sep 23 18:23:28 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Gallery
News
FAQ
Trips
Login
Feedback
Advanced Search

News Posts by amishkumar~

Page#    Showing 1 to 5 of 1352 news entries  next>>
  
Today (13:52) भागलपुर : अधिक राजस्व देने वाला भागलपुर रेलवे स्टेशन को मिला एनएसजी-टू का दर्जा (www.prabhatkhabar.com)
Other News
ER/Eastern
0 Followers
508 views

News Entry# 360019  Blog Entry# 3833596   
  Past Edits
Sep 23 2018 (13:52)
Station Tag: Bhagalpur Junction/BGP added by amishkumar~/1702584
Stations:  Bhagalpur Junction/BGP  
ललित किशोर मिश्र भागलपुर : मालदा डिवीजन अंतर्गत आने भागलपुर स्टेशन को एनएसजी-टू स्टेशन का दर्जा प्राप्त हुआ है. अभी तक इस स्टेशन को ए-वन का दर्जा प्राप्त था. डिवीजन में एक बार फिर सबसे अधिक राजस्व देने वाला भागलपुर स्टेशन नंबर वन पर रहा. रेलवे बोर्ड की ओर से की गयी रैंकिंग में यह स्थान भागलपुर को दिया गया है.  मालदा को अब भी ए श्रेणी का ही दर्जा प्राप्त है. यह दूसरा अवसर है जब भागलपुर रेलवे स्टेशन ने रैंकिंग तालिका में अपना स्थान मालदा डिवीजन के स्टेशनों में सबसे आगे रखा. पिछले बार भी सबसे अधिक राजस्व देने वाले इस स्टेशन को रेलवे बोर्ड की ओर से ए-वन श्रेणी का दर्जा दिया गया था.    नन सब अर्बन ग्रुप टू की श्रेणी में भागलपुर स्टेशन को रखा गया है. अर्बन ग्रुप में मेट्रोपोलिटन सिटी स्टेशनों को रखा गया है. इस आशय का पत्र भागलपुर स्टेशन को प्राप्त हो गया है....
more...
पहली बार जब भागलपुर स्टेशन को ए-वन श्रेणी का दर्जा मिला उस समय भी मालदा डिवीजन को ए श्रेणी का ही दर्जा मिला और इस बार भी भागलपुर श्रेणी में मालदा से आगे निकल गया है.  दर्जा तो मिला, लेकिन यात्री सुविधा में काफी पीछे है भागलपुर स्टेशन सबसे अधिक आय देने वाले भागलपुर स्टेशन यात्री सुविधा में काफी पिछड़ा हुआ है. यात्री सुविधा के साथ भागलपुर स्टेशन में सही तरीके से पार्किंग की सुविधा नहीं है. एक नंबर प्लेटफॉर्म को छोड़कर अन्य किसी भी प्लेटफॉर्म पर है और अगर आपको यूरिनल लगा हो तो इन प्लेटफॉर्म पर यूरिनल की व्यवस्था नहीं है. यात्री को इससे बहुत ज्यादा परेशानी है.
  
Today (13:44) जमालपुर : रूट रीले इंटरलॉकिंग से यात्री परेशान, राजस्व का नुकसान (www.prabhatkhabar.com)
Other News
ER/Eastern
0 Followers
553 views

News Entry# 360018  Blog Entry# 3833579   
  Past Edits
Sep 23 2018 (13:48)
Station Tag: Ratanpur/RPUR added by amishkumar~/1702584

Sep 23 2018 (13:48)
Station Tag: Munger (Monghyr)/MGR added by amishkumar~/1702584

Sep 23 2018 (13:45)
Station Tag: Jamalpur Junction/JMP added by amishkumar~/1702584
जमालपुर : जमालपुर में पिछले तीन दिनों से चल रहे रूट रीले इंटरलॉकिंग के काम से ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से ठप है. इससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. पटना और दिल्ली जाना मुश्किल हो गया है. मुंगेर एवं जमालपुर के यात्रियों को किऊल या भागलपुर से ट्रेन पकड़नी पड़ रही है. रेल प्रशासन ने मुंगेर-खगड़िया-बेगूसराय के बीच भी ट्रेन को पूरी तरह बंद कर रखा है. इधर इंटरलॉकिंग को लेकर 24 घंटे कार्य चल रहा. सूचना है कि रविवार तक वाइलेग ट्रेन परिचालन के लिए फीट कर दिया जायेगा. गुरुवार की सुबह डिस्मेंटल कार्य शुरू हुआ था और उसी दिन लगभग 160 वर्ष पुराने जमालपुर के वेस्ट केबिन को ध्वस्त भी कर दिया गया. जानकारी के अनुसार, रतनपुर और मुंगेर रेलखंड पर स्थित जमालपुर के वाई लेग का नाॅन इंटरलॉकिंग कार्य 24 सितंबर तक पूरा कर लेने का लक्ष्य था. लेकिन एक दिन पहले ही 23 सितंबर को...
more...
इस वाई लेग को ट्रेन परिचालन के लिए फिट घोषित किया जायेगा. उपमुख्य अभियंता (निर्माण) जितेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार पूर्वाह्न 11:00 बजे तक इस कार्य को पूरा कर लिया जायेगा. मेल सर्विस रोडवेज के भरोसे  नॉन इंटरलॉकिंग को लेकर ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया या रूट डायवर्ट किया गया है. इसके कारण 29 सितंबर की मध्य रात्रि तक कोई भी ट्रेन जमालपुर नहीं पहुंचेगी. रेलवे के मेल सर्विस (आरएमएस) को भी रोडवेज का सहारा लेना पड़ा है. हालांकि, जमालपुर में मेल शाउटिंग का कार्य वर्षों पहले बंद कर किऊल आरएमएस को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. लेकिन, किऊल आरएमएस से छंटनी होकर मुंगेर जिले के विभिन्न डाकघरों तक पहुंचने वाले डाक को सामान्य तौर पर चिन्हित ट्रेनों में लगे आरएमएस डब्बे से यहां भेजने का प्रावधान था़  ट्रेनों का परिचालन बंद होने से किऊल आरएमएस से सड़क से डाक को जमालपुर के प्लेटफाॅर्म संख्या एक पर स्थित आरएमएस कार्यालय भेजा जाता है.
  
Yesterday (17:42) 20 वर्ष में बिछी 14 किमी पटरी (m.livehindustan.com)
Other News
ECR/East Central
0 Followers
814 views

News Entry# 359767  Blog Entry# 3831152   
  Past Edits
Sep 22 2018 (17:46)
Station Tag: Chera Khera/CHKHR added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Sep 22 2018 (17:46)
Station Tag: Alauli/ALOLI added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Sep 22 2018 (17:46)
Station Tag: Kamathan/KMTHN added by 12649⭐️ KSK ⭐️12650^~/1203948

Sep 22 2018 (17:43)
Station Tag: Kusheshwar Asthan/KHHTN added by amishkumar~/1702584

Sep 22 2018 (17:43)
Station Tag: Khagaria Junction/KGG added by amishkumar~/1702584
खगड़िया-कुशेश्वर स्थान रेल परियोजना की रफ्तार धीमी है। 42.5 किलोमीटर लंबी परियोजना में अब तक 14 किमी ही रेलवे लाइन बिछाई गई है। हालांकि इस रेल परियोजना की स्वीकृति के 20 साल हो गए हैं। बता दें कि 1998 में 162 करोड़ की लागत से तत्कालीन रेल मंत्री रामविलास पासवान ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति दी थी। श्री पासवान के अपने गांव शहरबन्नी को रेल से जोड़ने की योजना आज भी अधूरी है। 2006 में परियोजना का काम पूरा होना था पर इस समय काम ही शुरू किया गया।2002 में सर्वे का काम किया गया और 2009 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। परियोजना के विलंब होने लागत बढ़कर वर्तमान में 565 करोड़ हो गई है। लेकिन अब तक 137 करोड़ ही राशि मिल सकी है।आवंटन का अभाव व कार्य की धीमी गति से 2020 में परियोजना के पूरा होने की उम्मीद कहीं से नहीं...
more...
दिख रही है। आने वाले दो साल में बचे 30 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बिछाने होंगे। जो संभव नहीं है। स्वीकृति के 20 साल में परियोजना को महज 137 करोड़ की राशि है। जबकि वर्तमान में 565 करोड़ की लागत बढ़कर हो गई है।परियोजना का बड़ा भाग है बांकी: रेल परियोजना के वर्तमान काम पर नजर डाले तो खगड़िया से कामास्थान तक रेलवे लाइन बिछायी गयी है जो 14 किलोमीटर लम्बी है। कामास्थान से अलौली के बीच पांच किलोमीटर तक मिट्टी भरने का काम किया गया है। अलौलीगढ़ से चेराखेरा, तिलकेश्वर, सुगरैन व कुशेश्वर स्थान तक काम बाकी है। चार बड़ा पुल का बनना भी शेष है। वहीं दो दर्जन से अधिक छोटी पुलिया का निर्माण कार्य भी बांकी है। कुल मिलाकर परियोजना का काम 75 प्रतिशत से भी अधिक बचा है। परियोजना को कम राशि मिलने से काम में गति नहीं मिल रही है।रेल परियोजना एक नजर में: तत्कालीन रेल मंत्री रामविलास पासवान के कार्यकाल में साल 1998 में 162 करोड़ की लागत से खगड़िया-कुशेश्वर स्थान रेल परियोजना को स्वीकृति मिली थी। उस समय परियोजना को 2006 में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। परियोजना में नौ बड़े पुल व 54 छोटे पुल बनानी है। रामविलास पासवान के गांव शहरबन्नी होते हुए दरभंगा जिले के कुशेश्वर स्थान तक रेल लाइन बिछेगा। बता दें कि 2006 परियोजना के पूरा होने का लक्ष्य रखा गया था उस साल काम ही शुरू किया गया।
  
पटना [जेएनएन]। पितृपक्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा लिए रेलवे ने चार जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का पुनपुन घाट हॉल्ट पर 22 सितंबर से नौ अक्टूबर तक दो-दो मिनट का अस्थायी ठहराव प्रदान किया है। 
गाड़ी संख्या 18625 व 18626 पूर्णिया कोर्ट-हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस पुनपुन एवं पुनपुन घाट हॉल्ट पर दो मिनट के लिए रुकेगी। इसके साथ 13243/13244 पटना- गया-सासाराम-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस एवं 13347/13348 पलामू एक्सप्रेस का पुनपुन घाट हॉल्ट पर दो-दो मिनट का ठहराव दिया गया है। 
पितृपक्ष मेले के दौरान सभी सवारी गाडिय़ों का पुनपुन घाट हॉल्ट पर 02 मिनट का
...
more...
ठहराव प्रदान किया गया है। इसके अलावा अनुग्रह नारायण रोड और चिरैला पौथू के बीच अनुग्रह नारायण रोड स्नान घाट पर भी पांच जोड़ी सवारी गाडिय़ों का दो मिनट का अस्थायी ठहराव प्रदान किया जा रहा है।
सवारी गाडिय़ों में  63295/63296 गया-पं. दीनदयाल उपाध्याय जं.-गया, 63291/63292 गया-डेहरी ऑन सोन-गया, 63289/63290 गया-डेहरी ऑन सोन-गया, 53363/53364 गया-डेहरी ऑन सोन-गया एवं 63553/63554 आसनसोल-वाराणसी-आसनसोल सवारी गाड़ी शामिल है।
  
Sep 21 (09:45) अत्याधुनिक डीजल शेड बनकर तैयार, हो रहा साहबों का इंतजार (m.jagran.com)
New Facilities/Technology
ECR/East Central
0 Followers
1307 views

News Entry# 359390  Blog Entry# 3826475   
  Past Edits
Sep 21 2018 (09:46)
Station Tag: Barauni Junction/BJU added by amishkumar~/1702584

Sep 21 2018 (09:46)
Station Tag: Garhara/GHX added by amishkumar~/1702584

Sep 21 2018 (09:46)
Station Tag: Begusarai/BGS added by amishkumar~/1702584
बेगूसराय। पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर रेलमंडल के बरौनी-राजेन्द्र पुल रेलखंड पर स्थित गढ़हारा यार्ड में फिर से रौनक लौटने लगी है। इस रौनक की चमक स्थानीय नवयुवकों के आंखों में भी दिखने लगी है। वहीं बड़े-बुजुर्गों की आंखों को पूर्व में रहे पलटैया यार्ड की तरह के समय का इंतजार है। यार्ड का अस्तित्व समाप्त होने के बाद कई सालों तक वीरान पड़ी यहां की जमीन पर हाई हॉर्स पावर लोकोमोटिव डीजल शेड का निर्माण कराया गया है। लेकिन इसकी पूरी तरह शुरुआत नहीं होने से जिले में विकास के प्रति सचेत लोगों के माथे पर फिर ¨चता की लकीरें उभरने लगी हैं। यहां 250 डीजल इंजन की मेंटेनेंस की व्यवस्था है। 125 करोड़ की लागत से हुआ है निर्माण
...
more...
रेल प्रशासन द्वारा गढ़हारा यार्ड की बेकार पड़ी जमीन पर भारतीय रेलवे का सबसे हाई हॉर्स पावर लोकोमोटिव डीजल शेड का निर्माण कराया गया है। लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण के इस प्रोजेक्ट का कार्य पूरा हो गया है। यहां 250 डीजल इंजन के मेंटेनेंस व मरम्मत की संपूर्ण व्यवस्था है। इससे अब इंजनों में खराबी आने पर दूसरे प्रदेश नहीं भेजने पड़ेंगे, बल्कि अब यहां ही दूसरे प्रदेशों से इंजन मरम्मति व मेंटेनेंस के लिए लाए जाएंगे। इसके लिए कई अत्याधुनिक तकनीक से लैस मशीनें लगाकर टे¨स्टग कर ली गई है। लेकिन रेलवे की उदासीनता के कारण अभी तक मेंटनेंस कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसका मुख्य कारण यहां रेल कर्मियों का अभाव है। 1324 की जगह मात्र 32 अधिकारी व कर्मचारी
रेल सूत्रों के अनुसार, इस नवनिर्मित डीजल लोकोमोटिव शेड में कुल 1324 पदाधिकारी एवं कर्मचारी की आवश्यकता है। फिलवक्त 29 कर्मचारी व तीन पदाधिकारी के भरोसे यह शेड है। अत्याधुनिक हाई हॉर्स पावर लोकोमोटिव इस डीजल शेड में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना की विभागीय अनुमति के लिए कई वर्षों से रेलवे बोर्ड में लंबित है। इस कारण मेंटेनेंस के लिए पूर्णत: तैयार डीजल लोकोमोटिव शेड विभागीय उदासीनता का दंश झेल रहा है। रेल सूत्रों की मानें तो रेलवे बोर्ड की हरी झंडी और इस लोकोमोटिव शेड में थोड़े से तकनीकी बदलाव के बाद डीजल इंजन के साथ-साथ इलेक्ट्रिक इंजन के मेंटेनेंस का भी पूरा कार्य यहां से किया जा सकता है। जानकार बताते हैँ कि रेलवे का यह अनोखा प्रोजेक्ट है, जो बनकर तैयार है। कर्मचारियों के आभाव में यहां कार्य शुरू नहीं हो पाया है। 10 मई 2014 को पूर्व मध्य रेलवे के तत्कालीन महाप्रबंधक मधुरेश कुमार ने इस हाई हॉर्स पावर लोकोमोटिव डीजल शेड का शिलान्यास किया था। इस अत्याधुनिक शेड के निर्माण पर करीब 250 करोड़ रुपये लागत अनुमानित है। शेड में अधिकारियों से लेकर सभी विभागों में कर्मियों के लिए अलग-अलग क्वार्टर भी बना दिए गए हैं। यह पूरी अत्याधुनिक व्यवस्था के साथ अग्निश्मन की सुविधाओं से भी लैस है।
----------------------
उपलब्ध संसाधनों, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता के अनुरूप डीजल रेल इंजन के मेंटेनेंस का कार्य हो रहा है। विशेष पदाधिकारी, कर्मचारी व संसाधन की आवश्यकता के बारे में रेल मुख्यालय को बताया जा चुका है। मुख्यालय स्तर पर मामला विचाराधीन है। उम्मीद है बहुत जल्द सिलसिलेवार तरीके से मेंटेनेंस का कार्य शुरू हो जाएगा।
पीके सिन्हा, एडीआरएम, पूर्व मध्य रेल के सोनपुर मंडल
Page#    1352 news entries  next>>

Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Mobile site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy