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Thu May 24 04:12:24 IST
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News Posts by Vcpl Jbp

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पलपल संवाददाता, जबलपुर/कोटा. पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा में पिछले कई दिनों से चल रहे रूट रिले इंटरलाकिंग (आरआरआई) के काम पूरा होने के बाद अफसरों की कार्यप्रणाली से संरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है. पमरे एम्पलाइज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि मात्र एक दिन आरआरआई की ट्रेनिंग देने के बाद कर्मचारियों को आरआरआई का काम सौंप दिया गया है, जो संरक्षा के साथ खिलवाड़ है. कर्मचारियों को नियमानुसार पर्याप्त प्रशिक्षण दिये जाने के बाद ही काम सौंपा जाना चाहिए था.
वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि आज मंगलवार 22 मई को कोटा में नवनिर्मित रूट रिले इन्टरलॉकिंग स्टेशन का दौरा कर
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कोटा मंडल की उपलब्धियों एवं नये सिस्टम के कारण कर्मचारियों को आ रही परेशानियों एवं समस्याओं की जानकारी प्राप्त की. जानकारी में यूनियन के संज्ञान में आया कि स्टेशन पर बिना आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराये जल्दबाजी में कार्य स्थानान्तरित कर स्टेशन संचालित करने की कार्यवाही की गई है. कार्यरत कर्मचारियों को स्टेशन अधीक्षक मात्र एक दिन की औपचारिक ट्रेनिंग देकर कार्यभार सौंप दिया गया है, जो सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है. एम्पलाइज यूयिनन ने मंडल रेल प्रबंधक कोटा को एक पत्र लिखा है, जिसमें कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण करने की मांग की है.
यह है कर्मचारियों की मांगें
- कर्मचारियों को निर्धारित शेड्यूल अनुसार ट्रेनिंग संचालित कर ट्रेंड किया जाना चाहिये. दोपहर 16 बजे से प्रात: 10 बजे तक ट्रेन मूवमेंट (यार्ड, शंटिंग एवं मेन लाईन) पर अधिक रहता है, यहां पर एक अतिरिक्त स्टेशन मास्टर का पद पिन प्वाईंट कर पदस्थ किया जाना चाहिये. जबलपुर एवं भोपाल मंडल की तरह स्टेशन मास्टरों के कार्य के घंटे 6 घंटे निर्धारित किये जानी चाहिये. डिप्टी एसएस कार्यालय में मात्र एक कूलर लगा है, जिससे वहां गर्मी के कारण कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है.
इस कार्यालय को वातानूकूलित किया जाना चाहिये, ताकि उपकरण सुरक्षित रहने के साथ साथ कर्मचारी भी पूर्ण क्षमता के साथ सुरक्षित कार्य कर सकें. सिग्नल विभाग के कर्मचारियों का कार्यक्षेत्र कोटा साउथ केबिन से चंबल केबिन तक मेन्टीनेंस एवं फेल्योर अटेण्ड हेतु निर्धारित किया गया है इस हेतु प्रत्येक शिफ्ट में एक सुपरवाईजर एवं स्टाफ की नियुक्ति की जानी चाहिये. एमटीसी डाटा लॉगर एवं कंट्रोल ऑफिस में काफी गर्मी रहती है. इसे भी वातानुकूलित किया जाना चाहिये. स्टेशन मास्टरों को वरियता एवं रोटेशन के आधार पर आरआरआई स्टेशन पर डयूटी हेतु लगाया जाना चाहिये.
आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में
जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य
खबर : चर्चा में
1. राजस्थान में भारतीय सेना ने किया ‘एयर कैवलरी’ कॉन्सेप्ट का परीक्षण
2. बिहार: परीक्षा में प्रवेश से पूर्व कैंची से काटी गयी लड़कियों की समीज के आस्तीन
3. देश के कई राज्यों में आज फिर से आ सकता आंधी-तूफान, 150 लोगों की मौत
4. बीजेपी ने ली चुटकी, तेजप्रताप की शादी में क्यों नहीं पहुंचे सोनिया-राहुल-ममता
5. किसकी जेब में जा रहे हैं पेयजल के करोड़ों रुपये?
6. ट्रेन में महिलाओं के लिए होगी विशेष सुरक्षा, हर बोगी में लगेगा 'पैनिक बटन'
7. इस्‍लाम नहीं देता बिना जरूरत तस्‍वीरें खिंचवाने की इजाजत
8. प्रेमिका ने प्रेमी के चेहरे पर फेंका एसिड, ठुकराये जाने से थी खफा
9. शादी के लिए बिल्कुल सही है यह उम्र, रिश्ता होता है मजबूत
10. साप्ताहिक भविष्यफल : 13 मई से 19 मई 2018, किन राशियों के चमकेंगे सितारे
11. राहु से मुसीबत में फंसे व्यक्ति जानें पुराणों और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ उपाय
  
May 22 (17:02) एनडीआरएफ-रेलवे करेंगे दुर्घटना बचाव का संयुक्त अभ्यास (www.palpalindia.com)
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पलपल संवाददाता, जबलपुर. नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) और रेलवे मिलकर संयुक्त रूप से रेल दुर्घटना की स्थिति में बचाव व राहत कार्य का रिहर्सल करेंगे. पश्चिम मध्य रेलवे में यह संयुक्त अभ्यास संभवत: अगले सप्ताह 25 व 26 मई की दरमियानी रात किये जाने की तैयारी की जा रही है. इस रिहर्सल के लिए वास्तविक दुर्घटना जैसी स्थिति क्रियेट की जायेगी, ताकि बचाव व राहत कार्य का रिहर्सल बिलकुल सटीक रहे. पश्चिम मध्य रेल प्रशासन ने इस संयुक्त अभ्यास की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए रेलवे के दुर्घटना राहत कार्य से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी व मेडिकल रिलीफ ट्रेन को भी तैयार रहने को कहा गया है.
वैसे तो रेलवे अपने स्तर पर समय-समय पर रेल दुर्घटना होने का संदेश
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प्रसारित करके मॉकड्रिल नियमित रूप से करता रहता है, ताकि दुर्घटना राहत से सम्बद्ध कर्मचारी, अधिकारी व मेडिकल रिलीफ ट्रेन के स्टाफ की सटीकता परखी जा सके. पिछले दो माह में दो बार रेल प्रशासन ने इस तरह का मॉकड्रिल किया था, जिसमें रेलवे को परिणाम काफी सकारात्मक प्राप्त हुए थे, फिर भी कई अधिकारी व कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच सके थे, जिन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था.
अब मॉकड्रिल नहीं, वास्तविक दुर्घटना का सीन तैयार कर होगी रिहर्सल
रेल सूत्रों के मुताबिक पमरे के संरक्षा विभाग ने एनडीआरएफ के साथ मिलकर किसी बड़े रेल हादसे की स्थिति में किस तरह बचाव व राहत कार्य किया जाता है, इसके लिए जबलपुर रेल मंडल के स्टाफ को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है, इसके लिए अगले सप्ताह एनडीआरएफ के साथ मिलकर देवरी-गोसलपुर के बीच एक स्थान पर दुर्घटना की सिचुएशन तैयार की जाएगी. जिसमें दो कोचों को एक के ऊपर एक चढ़ाकर उसमें फंसे लोगों को किस तरह सावधानी पूर्वक बचाकर निकाला जाता है, ताकि हादसे में घायलों को कम नुकसान हो. बताया जाता है कि पमरे के अलावा एनडीआरएफ के साथ देश के कुछ अन्य रेल जोन भी इसी तरह रिहर्सल का कार्यक्रम बना रहे हैं.
इनका कहना...
- एनडीआरएफ के साथ रेल प्रशासन की इस तरह दुर्घटना के रिहर्सस की योजना है, यह कब और कहां होगा, यह तय नहीं है.
श्रीमती गुंजन गुप्ता, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, पमरे, जबलपुर.
आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में
जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य
खबर : चर्चा में
1. राजस्थान में भारतीय सेना ने किया ‘एयर कैवलरी’ कॉन्सेप्ट का परीक्षण
2. बिहार: परीक्षा में प्रवेश से पूर्व कैंची से काटी गयी लड़कियों की समीज के आस्तीन
3. देश के कई राज्यों में आज फिर से आ सकता आंधी-तूफान, 150 लोगों की मौत
4. बीजेपी ने ली चुटकी, तेजप्रताप की शादी में क्यों नहीं पहुंचे सोनिया-राहुल-ममता
5. किसकी जेब में जा रहे हैं पेयजल के करोड़ों रुपये?
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7. इस्‍लाम नहीं देता बिना जरूरत तस्‍वीरें खिंचवाने की इजाजत
8. प्रेमिका ने प्रेमी के चेहरे पर फेंका एसिड, ठुकराये जाने से थी खफा
9. शादी के लिए बिल्कुल सही है यह उम्र, रिश्ता होता है मजबूत
10. साप्ताहिक भविष्यफल : 13 मई से 19 मई 2018, किन राशियों के चमकेंगे सितारे
11. राहु से मुसीबत में फंसे व्यक्ति जानें पुराणों और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ उपाय
  
पलपल संवाददाता, जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के सेन्ट्रल हास्पिटल में इलाज अब भगवान भरोसे हो रहा है, यहां के कुछ चिकित्सक मरीजों के मर्र्ज को डायग्नोस ही नहीं कर पा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सोमवार की देर शाम सामने आया, जब मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय से एक कर्मचारी डाक लेकर पमरे मुख्यालय स्थित विजिलेंस कार्यालय गया, जहां पर वह बेहोश होकर गिर पड़़ा, उसे तत्काल ही अन्य रेल कर्मचारी रेलवे अस्पताल ले गये, जहां पर ड्यूटी में तैनात चिकित्सक लू लगना बताते हुए लू का इलाज शुरू कर दिये, लेकिन िलगभग 2 घंटे बाद एक अन्य वरिष्ठ चिकित्सक ने मरीज की जांच की तो बताया कि इसे लूू नहीं लगी, बल्कि दिल का दौरा पड़़ा है,
जिस पर उसकी नाजुक
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हालत को देखते हुए तत्काल ही सिटी हास्पिटल रेफर किया गया, जहां पर देर रात उसकी मौत हो गई. इस घटना की जानकारी आज मंगलवार 22 मई को सुबह कार्यालय खुलते ही डीआरएम आफिस में आक्रोश फैल गया और पर्सनल विभाग के कर्मचारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए रेलवे अस्पताल की अव्यवस्था के खिलाफ डीआरएम से शिकायत करने का निर्णय लिया है. वहीं पमरे एम्पलाइज यूनियन ने भी डीआरएम को एक लिखित पत्र देने का निर्णय लिया है, जिसमें रेलवे अस्पताल की अव्यवस्था की लगातार आ रही शिकायतों पर कार्रवाई करने की मांग शामिल है.
घटना के संबंध में बताया जाता है कि मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के पर्सनल विभाग में रमेश गिरी 59 वर्ष डाक मैसेंजर के पद पर कार्यरत है, सोमवार 21 अप्रेल को उसे विभागीय डाक लेकर पमरे मुख्यालय स्थित विजिलेंस विभाग भेजा गया, शाम 5 बजे के लगभग जब वह विजिलेंस आफिस पहुंचा, तभी अचानक वह बेहोश होकर गिर पड़ा, जिस पर तत्काल ही विजिलेंस विभाग के कर्मचारियों द्वारा रेलवे अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया. जहां पर ऑन ड्यूटी डाक्टर ने उसका परीक्षण किया और बताया कि उसे लू लगी है, जिस पर उसका लू का इलाज शुरू हो गया, उसे ड्रिप चढ़ाई जाने लगी.
लगभग दो घंटे तक जब उसे होश नहीं आया तो अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमलेश वहां पहुंचे और बेहोश कर्मचारी की जांच की तो बताया कि उसे दिल का दौरा पड़ा है, जिसके बाद कर्मचारी की हालत नाजुक देख तुरंत ही निजी सिटी हास्पिटल रेफर कर दिया, जहां पर देर रात 10 बजे के लगभग कर्मचारी की मौत हो गई.
डीआरएम आफिस के पर्सनल विभाग के स्टाफ में आक्रोश
आज सुबह कार्यालय खुलते ही जैसे ही डीआरएम आफिस स्थित पर्सल विभाग के कर्मचारियों को अपने सहकर्मी की मौत की जानकारी लगी और यह पता चला कि उक्त कर्मचारी की मौत गलत इलाज के चलते हुई है तो आक्रोश फैल गया. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि रेलवे अस्पताल के डाक्टर 2 से ढाई लाख रुपए महीने की पगार ले रहे हैं, लेकिन वे यह तक डायग्नोस नहीं कर पा रहे कि मरीज को लू लगी है कि दिल का दौरा पड़़ा है. आक्रोशित कर्मचारी दोपहर बाद डीआरएम डा. मनोज सिंह से अस्पताल की अव्यवस्था की शिकायत करने पहुंच रहे थे और दोषी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे.
वहीं पमरे एम्पलाइज यूनियन के मंडल सचिव नवीन लिटोरिया व मंडल अध्यक्ष बीएन शुक्ला ने बताया कि रेलवे अस्पताल में अव्यवस्था अपने चरम पर पहुंच चुकी है, यूनियन भी रेल कर्मचारी के गलत इलाज से हुई मौत पर कार्रवाई की मांग करती है और लिखित शिकायत पमरे के जीएम व डीआरएम को देगी.
तीन दिन पहले करंट से बेहोश रेल कर्मी की पत्नी के इलाज में भी बरती थी लापरवाही
बताया जाता है कि तीन दिन पहले भी रेलवे अस्पताल में एक रेल कर्मचारी की पत्नी, जिसे करंट लगने से बेहोशी की अवस्था में रेलवे अस्पताल लाया गया था, जहां पर उसका कई घंटों तक इलाज नहीं हुआ. मंडल रेल प्रबंधक का प्यून राकेश यादव ने इस बात की जानकारी जब डीआरएम डा. मनोज सिंह को दी, तब डीआरएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन को लताड़ लगाई थी, तब जाकर महिला का इलाज शुरू हो सका था.
इनका कहना....
- रेल कर्मी को जब रेलवे अस्पताल लाया गया था, तब उसकी हालत काफी खराब थी, उसका सामान्य उपचार शुरू किया गया और उसका ईसीजी व अन्य जांच की गई, जिसके बाद उसकी स्थिति को देखते हुए सिटी हास्पिटल रेफर कर दिया गया था. अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी दी है कि उक्त कर्मचारी का लू का इलाज नहीं किया गया.
श्रीमती गुंजन गुप्ता, चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफीसर, पमरे, जबलपुर.
  
पलपल संवाददाता, जबलपुर. देहरादून-नई दिल्ली-देहरादून के बीच चलने वाली फुल एसी नंदा देवी एक्सप्रेस के चलाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. अब रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन को चलाने के लिए जबलपुर व इंदौर के बीच चल रही खींचतान पर बीच का रास्ता निकाल लिया है, अब यह ट्रेन चार दिन जबलपुर से और तीन दिन इंदौर से चलेगी.
यह ट्रेन जबलपुर से देहरादून का सफर लगभग 20 घंटा 25 मिनट में पूरा करेगी. माना जा रहा है कि शीघ्र ही इस ट्रेन के संचालन की घोषणा कर दी जाएगी. इस ट्रेन के शुरू होने पर इसका नंबर भी बदल जायेगा. इस ट्रेन के प्रारंभिर रखरखाव का जिम्मा जबलपुर को दिये जाने की भी योजना है. इस ट्रेन का
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देहरादून और जबलपुर के बीच केवल नई दिल्ली, ग्वालियर और झोंसी के बीच ही कामर्शियल हॉल्ट होगा.
रेल सूत्रों के मुताबिक गाड़ी संख्या 12205-11206 नई दिल्ली-देहरादून-नई दिल्ली फुल एसी नंदा देवी एक्सप्रेस है, जिसे जबलपुर और इंदौर तक चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड ने लगभग फाइनल कर दिया है. यदि इस ट्रेन को सप्ताह के 3 दिन के लिए इंदौर चलाया जाता है तो इस ट्रेन का इंदौर का नंबर 20205-20206 होगा.
यह है इस ट्रेन की जबलपुर तक चलाने की प्रस्तावित समय सारिणी
पमरे सूत्रों के मुताबिक नंदा देवी फुल एसी ट्रेन को जबलपुर तक बढ़ाया जाना लगभग तय है, इस ट्रेन की प्रस्तावित समय सारिणी भी तैयार कर ली गई है, जिसके मुताबिक यह ट्रेन गाड़ी संख्या 12206 देहरादून से रात्रि 23.35 बजे चलेगी, जो अगले दिन सुबह 05.15 बजे नई दिल्ली, 08.55 बजे ग्वालियर, सुबह 10.20 बजे झांसी होते हुए रात 20.00 बजे जबलपुर पहुंचेगी, जबकि जबलपुर से देहरादून के लिए गाड़ी संख्या 12205 सुबह 08.20 बजे छूटेगी, जो शाम 18.10 बजे झांसी, 19.40 बजे ग्वालियर, देर रात 23.30 बजे नई दिल्ली होते हुए तड़के 05.40 बजे देहरादून पहुंचेगी. इस ट्रेन का जबलपुर से देहरादून के बीच कुल 3 कामर्शियल हाल्ट होंगे.
इंदौर से भी चली तो यह है प्रस्तावित समय सारिणी
इंदौर से चलने पर इस ट्रेन का नंबर बदल जायेगा, जिसके मुताबिक गाड़ी संक्या 20205 देहरादून से रात्रि 23.35 बजे चलेगी, जो अगले दिन सुबह 05.15 बजे नई दिल्ली, 08.55 बजे ग्वालियर, 12.45 बजे गुना होते हुए शाम 19.30 बजे इंदौर पहुंचेगी, जबकि इंदौर से सुबह 08.20 बजे छूटकर, 15.55 बजे गना, 19.40 बजे ग्वालियर, रात्रि 23.30 बजे नई दिल्ली और सुबह 05.40 बजे देहरादून पहुंचेगी.
ये भी पढ़े:- जबलपुर- देहरादून फुल एसी ट्रेन पर इंदौर का अड़ंगा​

  
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May 21 (17:28)
kk~   492 blog posts   11 correct pred (54% accurate)
Re# 3438397-2            Tags   Past Edits
maybe final extension to this train

  
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May 21 (17:38)
LHB For शान ए भोपाल~   589 blog posts
Re# 3438397-3            Tags   Past Edits
Indore wali ka loco gwalior m change hoga ya fir Delhi m

  
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May 21 (17:40)
Aaditya^~   7852 blog posts   16556 correct pred (79% accurate)
Re# 3438397-4            Tags   Past Edits
Gwalior

  
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May 21 (17:50)
LHB For शान ए भोपाल~   589 blog posts
Re# 3438397-5            Tags   Past Edits
Aise toh Dehradun-indore ka bhi loco change krna chahiye gwalior, ujjaini jate h eloco se ddn tk

  
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May 21 (17:59)
kshitij~   6618 blog posts   3062 correct pred (77% accurate)
Re# 3438397-6            Tags   Past Edits
Would be one of the worst decision if it happens

  
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May 21 (22:02)
deepakrashikendra~   1438 blog posts
Re# 3438397-7            Tags   Past Edits
TT is almost similar to Shatabdi Exp 12001 from jhansi to ndls for are fully AC trains

  
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May 21 (22:49)
Narayan Pal   12 blog posts
Re# 3438397-8            Tags   Past Edits
Ab railway board ki taraf se jald se jald officially announce bhi hona chahiye...
  
पलपल संवाददाता, जबलपुर. रेलवे अस्पतालों में मोटे कमीशन के लालच में घटिया दवाओं की सप्लाई का मामला सामने आया है, यहां पर पिछले कुछ माहों में कुछ इंजेक्शनों में इस तरह की शिकायतें सामने आयी थीं, कि इन इंजेक्शनों को लगाने से मरीजों का स्वास्थ्य सुधारने की बजाय बिगड़ रहा है.
मरीजों के अचानक तबियत बिगडऩे के कई मामलों मेें तो मरीजों के परिजनों का अस्पताल के स्टाफ के साथ भी कई बार वाद-विवाद भी होता रहा है. लगातार शिकायतों को देखते हुए पिछले दिनों पमरे के मेडिकल विभाग ने तीन इंजेक्शनों को अस्पतालों से वापस बुलाने का आदेश जारी किया है. इन इंजेक्शनों में मेरोपेनेम, आईवी मेट्रोजिल 100 एमएल वआईवी आरएल 500 एमएल, आईवी आईपीआरओ 100 एमएल शामिल हैं.
बताया
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जाता है कि पश्चिम मध्य रेलवे का मेडिकल विभाग करोड़ों रुपयों की दवाईयां, इंजेक्शन व अन्य सामग्री का क्रय करता है, जिसे जबलपुर, भोपाल व कोटा मंडलों के मंडल चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्रों में सप्लाई की जाती है. पिछले कुछ माह से जबलपुर में कई इंजेक्शनों की क्वालिटी घटिया होने की शिकायतें सामने आयीं, इन इंजेक्शनों को मरीजों को लगाते ही उनकी हालत बिगडऩे लगती थी. लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए अस्पताल के चिकित्सकों, वार्ड नर्सों आदि ने इस संबंध में शिकायत भी अस्पताल प्रबंधन से की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन लगातार इस मामले में टालामटोली करता रहा, क्योंकि उनके ऊपर दवा लॉबी का दबाव था.
शिकायतें बढ़ी, मरीजों के परिजनों से विवाद हुआ तो लगाया बैन
रेल सूत्रों के मुताबिक कुछ इंजेक्शन खासकर मेरोपेनेम व आईवी मेट्रोजिल 100 एमएल इंजेक्शन से अधिक रिएक्शन (दुष्प्रभाव) सामने आने लगे, जिसके चलते अस्पताल के चिकित्सकों व अन्य चिकित्सकीय स्टाफ के साथ मरीजों के परिजनों का विवाद बढऩे लगा. इन विवादों की लगातार उच्च स्तर पर शिकायतें भी की जाती रहीं. सूत्रों के मुताबिक अस्पताल के कुछ चिकित्सकों ने इन इंजेक्शनों के संबंध में एमडी व सीएमडी को भी जानकारी दी, अंत में जब विवाद बढ़ा तो तीन प्रकार के इंजेक्शनों को वापस बुलाने का निर्णय लिया.
इंजेक्शन में यह कमी सामने आयी
बताया जाता है कि मेरोपेनेम इंजेक्शन जो हाई एंटी बॉयोटिक है, इसके प्रत्येक इंजेक्शन की कीमत 1200 रुपए से 1500 रुपए के बीच होता है, जिसे गंभीर मरीज को लगाया जाता है, यह इंजेक्शन पाउडर रूप में होता है और उसका रंग सफेद होता है, लेकिन रेलवे अस्पताल में जो सप्लाई किया गया, वह पिंक था, जो पाउडर के रूप में नहीं बल्कि कई इंजेक्शनों में जमे रूप में निकला.
जिसे लगाने के बाद कई मरीजों के स्वास्थ्य बिगडऩे की भी खबर थी, लेकिन रेल प्रशासन ने विवाद न बढ़े, इसलिए अपने स्टाफ को चुप रहने के निर्देश दिये थे. बाद में जब इन इंजेक्शन की शिकायत रेलवे बोर्ड व सीबीआई में किये जाने की कुछ कर्मचारियों ने धमकी दी तो आनन-फानन में पिछले दिनों ही इसे अस्पताल से वापस बुलाने का निर्णय लिया. इसी तरह आईवी मेट्रोजिल 100 एमएल व आईवी आरएल 500 एमएल, आईवी आईपीआरओ 100 एमएल को भी इससे पूर्व गुणवत्ताहीन पाये जाने पर वापस बुला लिया गया था.
आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में
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1. राजस्थान में भारतीय सेना ने किया ‘एयर कैवलरी’ कॉन्सेप्ट का परीक्षण
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